आंगन के गीत
कविता के लिए एक ही शब्द काफी होता है- "जैसे" , जैसे तुम!
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कमल
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Saturday, September 15, 2018
इक तरबतर झील
सर्दियों के आँगन में धड़ाम से फिसलाने का इरादा था ,
तुझे उठाए हुए देहरी तक जाने का इरादा था।
इक तरबतर झील को भिगाने का इरादा था !
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